लाछड़सर में साढ़े स्टेडियम में रात्रिकालीन मैच भी हो रहे
ये तस्वीर रतनगढ़ तहसील के छोटे से गांव लाछड़सर में बने स्टेडियम की है। इंटरनेशनल स्टेडियम के नक्शे के अनुरूप इसे तैयार किया गया है। मैदान साढ़े 6 बीघा में बना है। स्कूल के मैदान की साढ़े 6 बीघा जमीन पर बने स्टेडियम की लागत करीब 60 लाख रुपए है। नाम है शहीद भगतसिंह स्टेडियम एसएफसी के बजट से 2022 में इसका निर्माण शुरू हुआ और दिसंबर 2023 में पूरा हुआ। सबसे पहले चारदीवारी करवाई। बाद में अलवर से कारीगर बुलाकर खेलों की चित्रकारी करवाई गई। उसके बाद धीरे-धीरे स्टेडियम के रूप में तैयार करवाया गया। लाछड़सर। हाल ही में यहां 20 दिवसीय स्टेट लेवल रात्रिकालीन क्रिकेट प्रतियोगिता भी हुई है।
खास बात ये है कि 10वीं पास परमानेंट हाईमास्ट लाइट लगाएंगे, पैवेलियन बनाएंगे युवा सरपंच धापू देवी सहू ने खेलों को बढ़ावा देने की इच्छा शक्ति से इसे तैयार करवाया है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले मैंने देखा कि गांव में युवाओं के खेलने की कोई सुविधा नहीं है। चुनाव जीतने के बाद तय कि सबसे पहले स्टेडियम बनवाना है। इसके साथ ही युवाओं के पढ़ने के लिए लाइब्रेरी भी बनवाई। मनरेगा, एफएफसी व एसएफसी के बजट से 2022 में इसका निर्माण शुरू हुआ और दिसंबर 2023 में पूरा हुआ। सबसे पहले चारदीवारी करवाई। बाद में अलवर से कारीगर बुलाकर खेलों की चित्रकारी करवाई गई। उसके बाद धीरे-धीरे स्टेडियम के रूप में तैयार करवाया गया।
परमानेंट हाईमास्ट लाइट लगाएंगे, पैवेलियन बनाएंगे
धापू देवी ने बताया कि मैदान में एक बड़ा हॉल बनाने के साथ-साथ पैवेलियन भी बनाया जाएगा। परमानेंट हाईमास्ट लाइटें व इंडोर हॉल बनाने का भी प्लान है। खिलाड़ियों की खान है चूरू जिला चूरू जिला खेल के क्षेत्र में काफी अग्रणी है। जिले ने पैरालिंपियन देवेंद्र झाझड़िया, डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया, क्रिकेटर प्रिया पुनिया, एथलीट मंजूबाला, वीरेंद्र पूनिया, तीरंदाज स्वाति दूधवाल जैसे कई नेशनल व इंटरनेशनल खिलाड़ी दिए हैं।
रनिंग ट्रैक सहित अन्य ग्राउंड भी
सरपंच प्रतिनिधि जगदीश साहू ने बताया कि मैदान में 400 मीटर लंबा व 10 मीटर चौड़ा रनिंग ट्रैक है। यहां वॉलीबॉल, क्रिकेट, खो-खोव कबड्डी के ग्राउंड भी है। ओपन जिम, बच्चों के लिए झूले व योग के लिए चौकी भी बनवाई है। ग्राउंड में ग्रीन ग्रासलैंड है। पानी के लिए अंडरग्राउंड पाइप लाइन व फव्वारा सिस्टम है। मॉनीटरिंग व सुरक्षा के लिए एक गार्ड रहता है। सीसीटीवी कैमरे तक लगे हुए हैं।
