कुसुम यादव को हेरिटेज नगर निगम जयपुर की कार्यवाहक मेयर बनाया गया है। इस संबंध में स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए है। इससे पहले कांग्रेस के 8 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए।
जयपुर हैरिटेज नगर निगम में कुल 100 पार्षद सीटें हैं। किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 51 पार्षदों की जरूरत होती है। 2020 के नतीजों के मुताबिक कांग्रेस के 47 पार्षद, बीजेपी के 42 पार्षद और 11 पार्षद निर्दलीय चुनाव जीते थे। इनमें से 9 ने कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया था। दो ने भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया था। ऐसे में कांग्रेस पार्टी की मेयर चुनी गई थी। लेकिन मुनेश गुर्जर के निलंबन के बाद समीकरण बदल गए। कांग्रेस के 8 पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार कर गई। ऐसे में बीजेपी का मेयर बनना तय माना जा रहा था।
कुसुम यादव के पति हैं अजय यादव। वे खुद भाजपा के टिकट पर पार्षद रहे हैं। वे पिछले कई सालों से भाजपा में सक्रिय हैं। पार्टी के शहर संगठन में वे हमेशा आगे बढ़कर सक्रिय रहे हैं। शहर भाजपा में अजय यादव एक जाना माना नाम है। परकोटा क्षेत्र में वे अच्छे प्रभाव वाले भाजपा नेता माने जाते हैं। भले ही पार्टी ने निगम चुनाव में उनकी पत्नी को टिकट नहीं दिया लेकिन चुनाव जीतने के तुरंत बाद पार्टी ने कुसुम यादव को महापौर पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
वार्ड 74 की पार्षद कुसुम यादव लगातार दूसरी बार पार्षद हैं। पहली बार वे भाजपा के टिकट पर पार्षद बनी थी। इस बार के नगर निगम चुनाव में भाजपा ने कुसुम को टिकट नहीं दिया तो वे पार्टी से बगावत करके निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव में कूद गई। निर्दलीय चुनाव लड़कर कुसुम यादव ने जीत दर्ज कर ली। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने कांग्रेस के बोर्ड को समर्थन नहीं दिया। वे भाजपा से ही जुड़ी रही। जब महापौर के चुनाव की बारी आई तो पार्टी ने उन्हें महापौर प्रत्याशी बनाया था लेकिन 9 निर्दलीय पार्षदों ने कांग्रेस का समर्थन किया तो मुनेश गुर्जर महापौर बन गई थी। अब कांग्रेस की महापौर रही मुनेश गुर्जर सस्पेंड हुई तो भाजपा ने कुसुम यादव को ही कार्यवाहक महापौर बना दिया।
