तूफान का असर, कोंटा से लगे आंध्र में पर्यटन स्थल व मारेडमिल्ली घाट को 3 दिनों के लिए किया बंद

बंगाल की खाड़ी में तूफान का असर आंध्र, तेलंगाना के साथ बस्तर में भी दिखने लगा है। दो दिन से बस्तर के अधिकांश भाग में बारिश हो रही। इससे छोटे-बड़े नालों के साथ-साथ नदियां उफान पर हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी इसका असर पड़ने लगा है व आवाजाही बंद है।
रविवार को सुबह से राष्ट्रीय राजमार्ग 30 एर्यबोर नाले में जल भराव से दोपहर होते-होते पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। खबर लिखते तक एर्यबोर पुल पर 5 फीट पानी बह रहा है। रविवार के सुबह करीब 11 बजे से आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई है। पुल के दोनों तरफ पुलिस जवान तैनात हैं।
दोनों तरफ गाड़ियों की कतार लग गई है। बस व मालवाहकों के पहिए धम गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग 30 छत्तीसगढ़ को आंध्र व तेलंगाना से जोड़ता है। इसे बस्तर की लाइफलाइन के नाम से जाना जाता है। इसी से राजधानी रायपुर से आंध्र व तेलंगाना की ओर कई व्यापारिक गतिविधियां होती हैं। जाम से नुकसान की संभावना भी रहती है।
आगामी दो दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया
अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी के बाद कोंटा से लगे आंध्र के अल्लुरी सीतारामराजू जिले के मोतुगूदेम जो कि एक पर्यटन स्थल भी है वहां के एसआई गोपाल राव ने प्रेस को दी सूचना के अनुसार 3 दिनों तक चिंतुर से मारेडमिल्ली के बीच घाट में आवाजाही बंद कर दी है। वहीं मोतुगूदेम, सिलेरू, मारेडमिल्ली घाट व लंबसिंग पर्यटन स्थलों में भी भारी बारिश के कारण आवाजाही पर रोक लगाई है। क्योंकि यह पर्यटन स्थल घाट में स्थित है। ऐसे में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा है।
