प्रदेश की 11341 पंचायतों को नहीं मिले वित्त आयोग बजट के 3800 करोड़ रु., नतीजा-विकास कार्य नहीं करवा पा रहे सरपंच

अटल सेवा केंद्र का बिल नहीं जमा करा पाए, आठ माह से काट रखा है बिजली कनेक्शन

प्रदेश की 11341 व सीकर-नीमकाथाना की 374 ग्राम पंचायतों को डेढ़ साल से छठे राज्य वित्त आयोग का बजट नहीं मिल पाया है। प्रदेश भर की पंचायतों के लिए हर साल 2900 करोड़ रु. का बजट जारी किया जाता है। बजट साल में 1400 करोड़ रु. की दो किश्तों में मिलता है। आयोग ने 2023 के बजट में से 500 करोड़ रु. जारी किए। पिछले साल के 2400 करोड़ व इस साल के 1400 करोड़ रु. पंचायतों को नहीं मिले हैं।

वित्त आयोग हर ग्राम पंचायत को आबादी के हिसाब से 25 से 55 लाख रु. तक बजट जारी करता है। ये लाख पंचाका बाट कारविकरता काय पर खर्च किया जाता है। मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने सीकर की ग्राम पंचायतों में पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट की। सामने आया कि बजट की कमी से पंचायतों में राजीव गांधी सेवा केंद्र के दफ्तरों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं। बारिश से खराब रास्ते व पंचायत भवन की जर्जर हालत में सुधार नहीं हो पा रहा।

राज्य वित्त आयोग कोष से पंचायतों में करवाए जाते हैं ये कार्य

प्रदेश में राज्य वित्त आयोग की राशि ग्राम पंचायतों में कई विकास कार्यों पर खर्च की जाती है। खास तौर से कर्मचारियों का वेतन, बिजली बिल, सड़क, भवन, नाली निर्माण व बारिश एवं अन्य प्राकृतिक आपदा में होने वाली तत्काल समस्याओं के निराकरण आदि दैनिक जरुरत के कार्यों पर राज्य वित्त आयोग का बजट खर्च किया जाता है। इसमें रास्ता दूरस्तीकरण, पूराने भवनों की टूट-फूट ठीक करवाना जैसे काम शामिल हैं।

  • 1 अजीतगढ़ के दीपावास ग्राम पंचायत सरपंच मीरा देवी ने बताया की बजट के अभाव में ग्राम पंचायत के अटल सेवा केंद्र का बिजली बिल जमा नहीं करवा पाए बिजली निगम ने आठ माह से बिजली कनेक्शन काट रखा है। ऐसी स्थिति में दफ्तर से जुड़े सभी कार्यों में परेशानी हो रही है। दूसरा बजट के अभाव में अटल सेवा केंद्र की जरजर हालात छत की मरम्मत भी नहीं करवा पा रहे है। वहीं ग्राम पंचायत क्षेत्र में करीब एक दर्जन स्कूलों की छतों की मरम्मत करवाने थी। वह कार्य भी नहीं हुआ।
  • 2 कोटड़ी धायलान ग्राम पंचायत सरपंच मीरां देवी का कहना है कि राज्य वित्त आयोग का बजट जारी नहीं मिलने की स्थिति में गांव के वाटरपंप का लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करवा पाए है। ऐसी स्थिति में बिजली निगम के द्वारा कनेक्शन काटने की चेतावनी दी जा रही है। अब पंचायत प्रशासन इस बात को लेकर चिंतित है कि यदि गांव के वाटरपंप का बिजली कनेक्शन कट जाएगा तो जनता के सामने पेयजल को लेकर बड़ी समस्या खड़ी जाएगी।
  • 3 कोटपूतली बहरोड़ के ग्राम पंचायत भाबरू सरपंच शशीकांत शर्मा का कहना है कि राज्य वित्त आयोग का बजट जारी नहीं होने की स्थिति में ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक साल से पंचायत क्षेत्र के भवनों का बिजली बिल नहीं चुका पाए है। जिसके चलते बिजली निगम ने ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र का बिजली कनेक्शन काट दिया था। दूसरा सफाई कर्मचारी, गार्ड, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पंचायत वेतन नहीं दे पा रही है। इसके साथ भूरीकाला शमशान भूमि के रास्ते को भी ठीक नहीं करवा पाए।

ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था के कारण बढ़ी समस्या

सरपंच संघ का कहना है कि पंचायतों के सामने दैनिक समस्याओं के बजट को लेकर ज्यादा समस्या ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद बढ़ी है। इसकी वजह है ऑफ लाइन भुगतान व्यवस्था में पंचायत कोष में जमा किसी भी फंड की राशि भुगतान कर किसी भी फंड में खर्च किया जा सकता था। अब ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था में केंद्रीय वित्त आयोग की राशि से भुगतान नहीं किया जा सकता है। सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान कोटे से जारी होने वाला बजट भी कार्य विशेष में ही खर्च किया जा सकता है। यानी यह बजट जिस किसी कार्य के लिए स्वीकृति हुआ है उसमें खर्च किया जा सकता है। राज्य वित आयोग से किए जाने वाले कार्य दूसरे फंड के कोष से नहीं करवाए जा सकते हैं।

Source News – Dainik Bhaskar e-paper

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