बाड़मेर – महात्मा गांधी नरेगा योजना के विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी सोमवार को कलेक्ट्रेट के बाहर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। पूर्व मंत्री ने बिना नाम लिए मंत्री के. के विश्नोई पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा- कांग्रेस विचारधारा के लोगों के मस्ट्रोल जारी नहीं हो रहे है। उसके बाद स्वीकृत होने वाले कार्यों के मस्ट्रोल जारी कर काम भी शुरू हो गए। कई बार जिला परिषद के सीईओ, विकास अधिकारी को कहा, लेकिन दोनों एक-दूसरे पर डाल रहे है। मजबूरन हमें धरने पर बैठना पड़ा है। जब तक मस्ट्रोल जारी नहीं करेंगे, तब हमारा धरना चलता रहेगा।

दरअसल, गुड़ामालानी विधानसभा की मौखावा खुर्द ग्राम पंचायत में 5 सितंबर को 69 व्यक्ति टांके और दो ग्रेवल सड़क महात्मा गांधी नरेगा स्कीम के तहत स्वीकृत हुई थी। रोजगार लेने वाले लेबर ने आवेदन भी जमा करवा दिए। लेकिन मस्ट्रोल जारी नहीं हो रहे है। ग्रामीणों ने ग्राम विकास अधिकारी और बीडीओ को बताया। मस्ट्रोल जारी नहीं होने पर पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी को बताया। चौधरी ने बीडीओ और जिला परिषद सीईओ से बात कर मस्ट्रोल जारी करने को कहा।
पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा- महात्मा गांधी नरेगा स्कीम के तहत मौखावा खुर्द ग्राम पंचायत में जिला परिषद की ओर से 5 सितंबर 2024 को 69 व्यक्तिगत टांके और दो ग्रेवल सड़क स्वीकृत हुई थी। इसके बाद वहां के लोगों ने रोजगार के लिए फॉर्म नंबर 6 भरकर दिए थे। इन कार्यों को शुरू करने के लिए सरपंच और ग्रामीण कई बार विकास अधिकारी और सीईओ से मिले। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 1 अक्टूबर 2010 एक ग्रेवल सड़क स्वीकृत हुई, उसके मस्ट्रोल 6 अक्टूबर को जारी कर दिए। केवल राजनीतिक की वजह से ऐसा किया जा रहा है।
चौधरी का आरोप है कि वर्तमान सरपंच कांग्रेस विचारधारा है। इस सरपंच के काम है इसके कहने से नहीं हो रहे है। यह रुकावट राजनीतिक द्वेषपूर्ण भावना के चलते जानबूझकर की जा रही है। जिला परिषद सीईओ से मैंने भी बात की पहले तो उन्होंने मुझे कहा बीडीओ को कहकर मस्ट्रोल जारी करवा देंगे। 7 दिन पहले उन्होंने भी कहा यह बीडीओ स्तर का मामला है। आज दिन तक मस्ट्रोल जारी नहीं हुए है।
राजनीति दबाव के चलते नहीं हो रहे मस्ट्रोल जारी
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव व द्वेषभावना के चलते मस्ट्रोल जारी नहीं कर रहे है। ऐसा होने लगा तो महानरेगा स्कीम में कांग्रेस विचारधारा के लोगों को तो काम करने सोचने की जरूरत ही नहीं है। अगर ऐसा ही तो इनके जॉब कार्ड को निरस्त कर दीजिए और आदेश जारी कर दीजिए कि हम कांग्रेस विचारधारा के लोगों को काम पर नहीं लगाएंगे।
