जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 418 एमएम, अब तक हुई 368, सिर्फ अगस्त में बरसा 225 एमएम पानी

बाड़मेर जिले में जून-जुलाई के दो महीनों में जितनी बारिश हुई उससे कहीं ज्यादा अकेले अगस्त में हुई हैं। इस बार जून में 48, जुलाई में 95 और अगस्त में 225 एमएम बारिश हुई। अब तक जिले में 368 एमएम बारिश हो चुकी है। बाड़मेर जिले की 11 तहसीलों में 4 तहसील ऐसी है, जहां पूरी सीजन की बारिश का कोटा पूरा हो गया है।
रामसर, शिव, गुड़ामालानी व गडरारोड में पूरे सीजन की औसत बारिश से करीब 10-20% ज्यादा बारिश हुई हैं। जबकि चौहटन और सेड़वा तहसील में तो पूरे सीजन की बारिश के मुकाबले अब भी 40 फीसदी कम पानी बरसा हैं।
जिले में इस बार खरीफ 2024 की बुवाई देरी से हुई है। 15 जुलाई के बाद अधिकांश इलाकों में बुवाई हुई। करीब 10 लाख हेक्टेयर में बाजरा बोया गया। अब पिछले एक माह में हर 4-5 दिन में बारिश हो रही हैं। ऐसे में पूरा सावन बरसते हुए गया और भाद्रपद के भी 15 दिन में 4 बार बारिश हो चुकी हैं। ऐसे में मूसलाधार बारिश से इस बार किसानों को बंपर पैदावार होने की उम्मीद जगी हैं। जिले में खेतों में फसलें लहलहा रही हैं। बाजरा, ग्वार, मूंग, मोठ, तिल सहित कई फसलों की अच्छी पैदावार होगी।

इन 4 तहसीलों में बारिश का कोटा पूरा
बाड़मेर जिले की रामसर तहसील में पूरे सीजन की औसत बारिश का आंकड़ा 377 एमएम हैं, जबकि अब तक 488 एमएम हो गई है। करीब 23% ज्यादा बारिश है। इसी तरह गडरारोड में औसत बारिश 352 एमएम है, जबकि अब तक 394 एमएम हो गई है, जो करीब 11% ज्यादा है। इसी तरह शिव में 363 के मुकाबले 366, गुड़ामालानी में 417 के मुकाबले 470 एमएम बारिश हुई है।
इन तहसीलों में अब भी कम बारिश
बाड़मेर तहसील में 427 एमएम पूरे सीजन की औसत बारिश होनी है, जबकि अब तक 387, चौहटन में 509 की जगह 375, सेड़वा में 516 की जगह 293, धोरीमन्ना में 384 की जगह 271 एमएम बारिश हुई है। यानि बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण, चौहटन, सेड़वा, नोखड़ा में अब भी औसत से बहुत कम बारिश हुई है।
कल से फिर तेज बारिश
मौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान में 3 सितंबर से फिर तेज बारिश की संभावना जताई है। 3 से 5 सितंबर तक पश्चिमी राजस्थान पर मानसून का प्रभाव रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
