राज्य सरकार ने क्रॉप कटिंग से बीमा क्लेम को दी मंजूरी, जिले के 1.50 लाख किसानों को मिलेंगे 501 करोड़ रुपए

चूरू :- किसानों के संघर्ष की जीत तकनीकी सलाहकार समिति ने 281 फसल समूह पर बीमा कंपनी के हस्ताक्षर को माना आधार

खरीफ 2021 के जिले के करीब 1.5 लाख किसानों को क्रॉप कटिंग के आधार पर 501 करोड़ का बीमा क्लेम मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बीमा कंपनी ने अब तक 752 में से 251 करोड़ रुपए का क्लेम सैटेलाइट के आधार पर दिया था, जिससे जिले के किसान नाराज और आक्रोशित थे। राज्य सरकार की तकनीकी सलाहकार समिति ने 637 में से 281 कृषि युग्मों (फसल कटाई प्रयोग) पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के हस्ताक्षर को आधार मानते हुए क्रॉप कटिंग से क्लेम देने का निर्णय किया।

इस संबंध में राज्य की तकनीकी सलाहकार समिति की मीटिंग एवं उनके निर्णय की प्रति पत्रकार वार्ता में दिखाते हुए किसान सभा के जिला मंत्री उमराव सिंह ने जानकारी दी। इसमें जिलाध्यक्ष इंद्राजसिंह सहित अन्य पदाधिकारी थे। उन्होंने बताया कि शेष 356 कृषि युग्मों पर हस्ताक्षर नहीं होने पर केंद्र सरकार की तकनीकी सलाहकार समिति से मार्गदर्शन मांगा है। उनका कहना है कि ये किसानों की बड़ी जीत है।

बीमा कंपनी ने सैटेलाइट के आधार पर 752 करोड़ में से 251 करोड़ का क्लेम ही दिया था

किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी का कहना है कि 752 में से 251 करोड़ का क्लेम बीमा कंपनी सैटेलाइट के आधार किया। अब चूंकि क्रॉप कटिंग से क्लेम देने का निर्णय हो चुका है। ऐसे में करीब 1.50 लाख किसानों को क्रॉप कटिंग से निर्धारित क्लेम में से सैटेलाइट से मिली राशि को कम करके बची हुई राशि दी जाएगी। यानी किसी किसान का एक बीघा जमीन में 5 हजार का मुआवजा क्रॉप कटिंग से बनता है, जबकि बीमा कंपनी ने सैटेलाइट के आधार 700 रुपए क्लेम दिया, तो बची हुई 4300 रुपए की राशि मिलेगी। खरीफ 2021 का फसल बीमा क्लेम जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार जिले के चूरू, तारानगर, सरदारशहर, राजगढ़ व सिद्धमुख तहसीलों के 181 पटवार हल्कों का क्रॉप कटिंग रिपोर्ट के अनुसार बकाया 501 करोड़ रुपए मिलना चाहिए।

कई मांगें अधूरी, 13 को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

किसान सभा के प्रदेश कमेटी सदस्य एडवोकेट निर्मल प्रजापत ने बताया कि खरीफ 2021 का क्रॉप कटिंग से क्लेम देने का निर्णय किसानों के पक्ष में हो गया है। 637 पटवार फसल युग्मों में से 281 का निर्णय हो गया है, बचे हुए 356 युग्मों के क्लेम के लिए कृषि आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी ने केंद्र सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय के सीईओ (पीएमएफबीवाई) को 28 मार्च 2024 को पत्र लिखकर निस्तारण करने के लिए लिखा है। इसके अलावा जिले के 72 हजार किसानों का बैंकों की लापरवाही से प्रीमियम पोर्टल पर अपलोड नहीं हुआ। उस पर कोई अंतिम निर्णय अभी तक नहीं हुआ है। वहीं करीब 50 हजार किसानों की फसल बीमा पॉलिसी बीमा कंपनियों ने बिना वजह रिजेक्ट कर दी। उन पॉलिसी को स्वीकार करवाना भी मुख्य मांगों में शामिल है।

किसानों ने 58 घंटे तक किया था चक्काजाम :

बतादें जिले में खरीफ 2021 में पांच ब्लॉक तारानगर, सिद्धमुख, राजगढ़, चूरू व सरदारशहर के 181 पटवार मंडलों में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने किसानों का क्रॉप कटिंग से क्लेम का निर्धारण न कर सैटेलाइट के आधार पर निर्णय किया। किसान सभा ने खरीफ 2021 की क्रॉप कटिंग को सार्वजनिक करने की मांग को लेकर 58 घंटे चक्काजाम किया, जिसके बाद राज्य सरकार को क्रॉप कटिंग रिपोर्ट को सार्वजनिक करना पड़ा। समय बीमा कंपनी ने सैटेलाइट के आधार किसानों को मात्र खरीफ का 251 करोड़ रुपए का क्लेम जारी किया, जबकि किसानों ने क्रॉप कटिंग के आधार पर 181 पटवार मंडलों को 752 करोड़ रुपए का फसल बीमा क्लेम मांगा। किसान सभा ने 2 जून 2023 को कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन पड़ाव शुरू कर दिया, जो 4 महीने चला। बाद में तत्कालीन कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग की रिपोर्ट के आधार पर सीएम के साथ वार्ता के बाद राज्य सरकार ने क्रॉप कटिंग से बीमा क्लेम देने पर सहमति जताई। 6 अक्टूबर 2023 को आंदोलन स्थगित किया गया। इसी के चलते 29 फरवरी को 2024 को राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति की मीटिंग में क्रॉप कटिंग से क्लेम देने का निर्णय किया गया।