इंदिरा रसोई महंगाई राहत कैंप 2023: आयुक्त व सभापति ने नगर परिषद के खजाने से लाखों का फर्जी भुगतान किया

बाड़मेर:- इंदिरा रसोई सामग्री खरीद के घोटाले में डीएलबी ने परिषद से रिपोर्ट मांगी

नगर परिषद में भ्रष्टाचार की परतें अब खुलने लगी हैं। तत्कालीन आयुक्त योगेश आचार्य और सभापति दीपक माली ने करोड़ों रुपए का भुगतान चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए कर दिया। सरकार ने प्रत्येक कैंप आयोजन के लिए 4 लाख रुपए का बजट आवंटन भी किया था।

Source news – Dainik bhaskar

कलेक्ट्रेट से महंगाई राहत कैंपों के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं को लेकर टेंडर प्रक्रिया के जरिए अलग-अलग फर्म को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके तहत कलेक्ट्रेट से इन फर्मों को भुगतान किया गया, लेकिन अब सामने यह भी आया है कि नगर परिषद के बाद महंगाई राहत कैंपों के भुगतान का न तो कोई बजट दिया गया था और न ही इसके लिए कोई निर्देश थे। इसके बावजूद परिषद आयुक्त व सभापति ने सुंधा माता कंस्ट्रक्शन सहित कई फर्मों को लाखों रुपए का फर्जी तरीके से भुगतान कर दिया।

राज्य सरकार ने 11 अप्रैल सुंधा माता कंस्ट्रक्शन को 17.72 लाख का भुगतान किया 2023 को सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी किया था कि वे उनके अधीन आने वाले नगर परिषद, पालिका में महंगाई राहत कैंपों का आयोजन करवाएंगे। इसके लिए निकाय स्तर पर कमेटी का गठन किया गया। जिसमें संबंधित उपखंड अधिकारी को अध्यक्ष बनाया गया था। बाड़मेर कलेक्टर ने 13 अप्रैल को इसके लिए आदेश जारी किया था। जिसमें 24 अप्रैल से 30 जून तक महंगाई राहत कैंपों के आयोजन के निर्देश दिए। सरकार ने प्रति महंगाई राहत कैंप के लिए 4 लाख रुपए का बजट आवंटन किया था।

इसके तहत महंगाई राहत कैंपों का प्रसार-प्रचार, कैंपों की व्यवस्थाएं, संसाधनों की उपलब्धता व वेंडर्स की क्षमता को देखते हुए एक से अधिक वेंडर्स को भी कार्य देने के आदेश थे। कैंपों की लागत शामिल मदों के लिए एसडीएम को अधिकृत किया गया था। बाड़मेर जिले में 5 नगर निकाय, 21 पंचायत समिति में कुल 96 कैंप के लिए 3.84 करोड़ रुपए आवंटित किए गए। इसमें इलेक्ट्रॉनिक, फर्नीचर, इंटरनेट, स्टाफ व स्टेशनरी, प्रिंटर, लेपटॉप, टीशर्ट उपलब्ध करवाने थे।

सुंधा माता कंस्ट्रक्शन को 17.72 लाख का भुगतान किया

महंगाई राहत कैंप का बजट जिला कलेक्टरों को आवंटित किया गया, लेकिन नगर परिषद बाड़मेर के आयुक्त, सभापति ने सुंधा माता कंस्ट्रक्शन को 17.72 लाख रुपए का भुगतान कर व दिया। । यह भुगतान ई राहत कैंप में सपोर्ट स्टाफ महंगाई राहत मैन पॉवर का भुगतान करना बताया । इसी तरह अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी को भी महंगाई राहत त कैंप में सामग्री खरीदने के लिए 1.74 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। अब बाड़मेर एसडीएम ने इस मामले में नगर परिषद से महंगाई राहत कैंपों के तहत किए गए भुगतान की जानकारी मांगी हैं।

डीएलबी ने इंदिरा रसोई के फर्जीवाड़े की रिपोर्ट मांगी

विधानसभा चुनाव 2023 से पहले गहलोत सरकार ने बाड़मेर के 30 गांवों में इंदिरा रसोई खोलने के आदेश दिए थे। इसके लिए सामग्री जिला परिषद ने टेंडर प्रक्रिया के जरिए ग्राम पंचायतों को भिजवाई थी। जबकि नगर परिषद ने फर्जी बिलों से करीब 2 करोड़ रुपए का भुगतान अलग-अलग फर्मों को कर दिया। अब स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक सुरेश कुमार ओला ने नगर परिषद से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए की बंदरबांट की गई है। नगर परिषद के तत्कालीन आयुक्त योगेश आचार्य व सभापति दीपक माली ने बिना टेंडर प्रक्रिया ही सिर्फ नोटशीट पर करोड़ों रुपए का भुगतान कर दिया। अब मामले में डीएलबी ने जांच के आदेश दिए हैं तो पूरे मामले में कई खुलासे होंगे।